Saturday, 19 January 2013

एतिहासिक क्षण का गवाह होगी बिहार की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा

दरभंगा : बिहार की सांस्कृतिक व मिथिला की अघोषित राजधानी  एव विधा के बल पर पूरी दुनिया में अपना नाम का डंका बजाने वाला दरभंगा एतिहासिक क्षण का गवाह होगा .बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ,अलीगढ विश्वविद्यालय ,पटना विश्वविद्यालय ,संस्कृत विश्वविद्यालय ,मिथिला विश्वविद्यालय ,सहित अनेको शिक्षण संस्थानों की स्थापना में महती भूमिका निभाने वाले दरभंगा राज का लक्ष्मेश्वर विलास पैलेस ,रामबाग किला परिसर ,मोती महल ,नरगौना पैलेस ,विशेश्वर विलाश पैलेस आदि अंग्रेज के जमाने से ही एक से एक नामचीन हस्तियों से रु-ब -रु होते रहे है .देश के नामी कलाकारों को इसने देखा है लेकिन मायानगरी के सितारों से इसकी पहली मुलाक़ात मैथिलि फिल्म फेस्टिवल में होगी 

बढाया मिथिला का नाम और मान

दरभंगा : प्रसिद्ध फिल्म निर्माता प्रहलाद शर्मा ,महंथ मोहन दास ,केदार नाथ चौधरी ,एच एम मुंशी बाल कृष्ण झा ,मणि कांत मिश्रा ,संजय पुंज , बी के हाउस ,जीतेन्द्र झा ,धीरेन्द्र मोरबैता ,संदीप झा ,रुपेश मिश्रा निर्देशक फणी मजुमदार, चौधरी परमानंद ,मुरलीधर  ,संतोष बादल ,अभिजित कुमार सिंह,सूरज तिवारी ,मनोज झा , मनोज श्रीपती  झा ,प्रवीन कुमार ,विकाश झा ,प्रकाश झा गायको में रविन्द्र ठाकुर ,उदित नारायण, दीपा नारायण ,पवन नारायण ,राम बाबू झा ,कुञ्ज बिहारी ,ज्ञानेश्वर दुब्बे ,विनोद गवार ,ललितेश ,संजय मिश्रा ,राजिव सिंह,धीरेन्द्र मोरबैता ,हेमेद्र लाभ ,रवि खंडेलवाल ,राम सेवक ठाकुर ,उषा पासवान ,अनुराधा,  ,मनोज बाजपाई  ,ललन सिंह ,रोमी ठाकुर ,विभूति भूषण ,नरेन्द्र झा ,आलोक नाथ ,धीरेन्द्र प्रेमर्शी ,श्याम नन्द झा ,बिपिन कुमार, शम्भुनाथ मिश्रा ,दिनेश मिश्रा ,उत्तम कुमार चौधरी ,अमरेश कुमार झा ,सुधा झा ,कल्पना मिश्रा ,आर एस गिरी सहित अनेको लोगो ने बेहतर मुकाम हासिल कर  मिथिला का नाम और मान को बढाया ,वही सांस्कृतिक विरासत की धनि मिथिला के अनेको कलाकारों व निर्माता -निर्देशक फिल्म ,टी वी सीरियलों में  जलवे बिखेरे संतोष बादल सरीखे प्रतिभा के धनि युवाओं ने मिथिला की सांस्कृतिक यात्रा को आगे बढाने में सशक्त भूमिका अदा  की रास्ट्रीय  पुरस्कार प्राप्त डाक्यूमेंट्री फिल्म नैना जोगिन के निर्माता प्रवीन कुमार सहित रक्त तिलक के निर्देशक मनोज श्रीपति  झा आदि ने मिथिला और मैथिलि का झंडा बुलंद किया ये नाम उदाहरण भर है सैकड़ो ऐसी प्रतिभाए है जो आज भी फिल्मो टी वी सीरियलो में सक्रिय है ,लेकिन विडम्बना ही है की मैथिली फिल्म के नाम पर उपलब्धिया बल्लियों उछालने वाला नही रहा