Monday, 4 February 2013

"प्रेमक जीत" प्रदर्शन के करीब

मधुबनी :हिताक्षी प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही मैथिली फिल्म "प्रेमक जीत" प्रदर्शन के करीब पहुच चुकी है फिल्म के निर्माण से जुडे सभी कार्य  पुरे हो चुके है अगर सब ठीक रहा तो वर्ष 2013 के मध्य में यह फिल्म दर्शको के बिच होगी यह कहना है फिल्म के निर्माता कामोद कुमार चौधरी का  नये चेहरों से सजे इस फिल्म में दर्शको को  पहली वार  वीरेन्द्र दीवाना ,मनीषा भारती ,कुमुद कुमार चौधरी ,शंभू अकेला ,प्रकाश कामती ,किरण, नेहा आदि का अभिनय देखने को मिलेगा जबकि दर्शको को  राजेश और राम बहादुर की जोड़ी के सजे  संगीत पर   युवा गायक चन्दन ,मनीषा आदि की सुमधुर आवाज सुनने को मिलेगा 

Tuesday, 29 January 2013

इतिहास पुरुष राजा सलहेस पर बनी थी मैथिलि में पहली टेलीफिल्म

नेपाल : अर्चना फिल्मस के बैनर तले बनी मैथिली टेली फिल्म  "राजा सलहेस " जिस के निर्माता शारदानन्द झा थे और लेखक निर्देशक श्याम भाष्कर नेपाल टेलीविजन से स्वीकृत इस फिल्म की शूटिंग राजनगर ,दुल्ली पट्टी तथा कटारी और चुरिया पहाड़ी पर हुई थी राजनगर में फिल्म को लेकर  भव्य सेट बनाया गया था और इसके अधिकाँश कलाकार मिथिला विश्वविद्यालय के पीजी ड्रामा के पहले बैच के छात्र  थे उस जमाने में इन कलाकारों के दरभंगा में नाटक के क्षेत्र में तुति बोलती थी ये कलाकार  आकाशवाणी दरभंगा और गीत एव नाटक प्रभाग दरभंगा से भी जुड़े हुए थे इस फिल्म में स्वपन मजुमदार {नायक},नीलम सिंह{नायिका },बब्बू मिश्रा{खलनायक } की भूमिका में थे जब की अन्य भूमिका में ,शारदा सिंह  ,तारा चरण झा ,महेंद्र नारायण चौधरी  ,राजकुमारी झा ,मीरा झा ,विपिन कुमार झा ,अनिता अग्रवाल आदि थे दूरदर्शन कोलकत्ता के एस .एस . धर इस फिल्म के कैमरा मैंन थे और फिल्म के एडिटर थे दिलीप बनर्जी जब की इस फिल्म में  संगीत दिया था सरोज कुमार मिश्रा एव हरिनाथ जी ने और  सिनेमेटोग्राफ कोलकत्ता में इस फिल्म का पोस्ट प्रोड्क्शन हुआ था इस फिल्म की कहानी महसौथा के राजा सलहेस पर आधारित थी जो मिथिला के ग्राम देवता के रूप में आज भी प्रसिद्ध है 19 दिनों के शूटिंग के बाद यह फिल्म साढ़े सात लाख की लागत से  यु - मेटिक फ़ॉर्मेट में  1993 में बन कर तैयार हुई थी ऐतिहासिक कथा को लेकर बनने वाली यह मैथिली की पहली टेली  फिल्म थी वक्त की मार ने इस फिल्म को कही का न छोड़ा यही कारण रहा की जिस नेपाल टेलीविजन के लिए यह फिल्म बनी थी वह ना ही   नेपाल टेलीविजन पर और न ही दूरदर्शन से प्रसारित  हो सका  

फोटो परिचय : >> निर्देशक श्याम भास्कर ,अभिनेत्री नीलम सिंह ,स्क्रीप्ट के साथ सहायक निर्देशक हरीन्द्र कुमार झा और विष्णु कान्त 

Sunday, 27 January 2013

मैथिली फिल्म "संस्कार" के गाने की हुई रिकाडिंग

मुम्बई:  सुशील झा फिल्मस के बैनर तले बनने वाली मैथिली फिल्म "संस्कार" के सभी गानों की रिकोडिंग का कार्य पिछले दिनों मुंबई के स्वरलता स्टूडियो में संपन्न  हुआ फिल्म के निर्माता  अनिल कुमार झा के अनुशार फिल्म के   गानों को अपने स्वर से उदीत  नारायण झा ,दीपा नारायण झा ,ज्ञानेश्वर दुबे ,पामेला जैन और मंजीरा गांगुली  ने सजाया है  मार्च में शुरू होने वाले इस  फिल्म की शूटिंग के मद्दे नजर  20 फरवरी 2013 को दरभंगा में कलाकारों का चयन का तारीख निर्धारित किया गया है जब की कई मुख्य किरदारों का चयन कर लिया गया है इस फिल्म  के सम्बंध में झा ने बताया की यह फिल्म पूर्ण तः परिवारीक  होगी  और  मिथिला के विभिन्न हिस्सों के साथ - साथ कुछ दृश्यों को पड़ोसी देश नेपाल के तराई क्षेत्रो में  फिल्माया जाएगा
फोटो परिचय : >> निर्माता अनिल झा ,पामेला जैन ,उदीत नारायण झा , अभय झा 

Saturday, 26 January 2013

सहेजेंगे इतिहास ,ढूढेंगे नई राह

 दरभंगा : फेस्टिवल के मौके पर एक आकर्षक बहुरंगी स्मारिका का प्रकाशन होगा .इसमें मिथिला के सभी जिलो की मैथिलि फिल्म एव रंगमंच के इतिहास और वर्तमान को सहेजा जाएगा .इसमें दुर्लभ चित्रावलिया भी होंगी इसका प्रसार मिथिला के जिलो के साथ सम्पूर्ण बिहार ,देश के महानगरो एवं नेपाल तक होगा .यह संग्रहणीय और आने वाली पीढ़ी के लिए उपादेय होगा फिल्म महोत्सव पर एक डायरेक्टरी के प्रकाशन की भी योजना है जिसमे मिथिला के जिलो के  उन निर्माता ,निर्देशक ,कलाकारों ,गायकों गीतकारो ,पटकथा ,लेखको ,आदि का नाम पता संग संक्षिप्त विवरणी भी शामिल होगी जो किसी भी भाषा में सक्रिय रहे रहे है  इसकी उपयोगिता से मैथिली फिल्म निर्माण को नई गति व दिशा मिलने की उम्मीद है .

Friday, 25 January 2013

कलाकारों का महाकुम्भ

दरभंगा :  फेस्टिवल के मौके पर होगा कलाकारों का महाकुम्भ .आज मुंबई ,हैदराबाद ,दिल्ली ,कोलकाता आदि महानगरो में मिथिला के विभिन्न जिलो की प्रतिभाए सिनेमा और रंगमंच से जुडी है इसमें कई नामचीन हस्तियों भी है .निर्माता ,निर्देशक ,पटकथा लेखको ,अभिनेता ,अभिनेत्रियों ,संगीतकारो ,गायकों की लम्बी फौज सिने जगत को अपनी क्षमताए अर्पित कर रही है पड़ोसी रास्ट्र नेपाल भी इस मामले में काफी धनी रहा है विश्व विख्यात दरभंगा राज के आँगन में इन सभी हस्तियों की आगवानी कर सुनहरे पल को सहेजने की योजना है .फेस्टिवल में समग्र मिथिला की भागीदारी होगी .

टूटेगा मौन ,बनेंगे सम्बंध - सेतु

दरभंगा : मैथिली फिल्म फेस्टिवल फिल्म - निर्माण व रंगमंच के क्षेत्र में छाए मौन को तोड़ेगा .इन दोनों के बिच की दुरिया मिटा कर सम्बंध -सेतु  चिकयित करेगा .दोनों के संरक्षण - सम्वर्द्धन की ओर शासन -प्रशासन का ध्यान केन्द्रित करेगा समाज के हर वर्ग को जोडकर मैथिली फिल्म के निर्माण और प्रदर्शन से जुडी कठिनाइयो को दूर करने की कोशिस होगी 

सुनहरे भविष्य की तलाश

दरभंगा : मैथिलि फिल्म अकादमी ने मिथिला की तमाम प्रतिभाओं को एकजुट कर मैथिली फिल्म - गतविधियो को विशम परिस्थितियों की गहरी काली खाई से उबारने के साथ ही विचार - मंथन कर साधक - तत्वों की संजीवनी तलासने का निर्णय लिया है इसे मैथिली फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से मार्च 2013 के प्रथम सप्ताह में साकार किया जाएगा अतीत से सिख की सौगात लेकर वर्तमान को संवार सुखद भविष्य का निर्माण की योजना है अकादमी की गतिविधिया महोत्सव के बाद भी मैथिली सिनेमा के साथ ही मिथिला मैथिली के समग्र विकाश के लिए अल्पकालिक व दीर्घकालिक योजनाओं के माध्यम से जारी रहेगी संस्था सामाजिक दायित्वों का भी निर्वाह भी करेगी .