Thursday, 26 February 2015

दो मैथिली फिल्मो के म्यूजिक सीडी बाजार में उपलब्ध "ललका पाग ", "क़िस्त पर दूल्हा "


2015 के  फरवरी महीने में दो मैथिली फिल्मो के म्यूजिक सीडी बाजार में उपलब्ध हुए है एक मैथिली फिल्म का नाम "ललका पाग " तो दूसरे मैथिली फिल्म का नाम  "क़िस्त पर दूल्हा " है पहले हम बात  "क़िस्त पर दूल्हा " फिल्म की करते है इस फिल्म में कुल 11 गाने है जिस में स्वर विकाश झा ,दिलीप दरभंगिया ,माधव राय ,इन्दु सोनाली ,पामेला जैन ने दिया है जब की संगीत दिलीप दरभंगिया का है इस फिल्म के  गानो  की ख़ास बात यह है की दिलीप दरभंगिया ने पहलीवार  अपना फ़िल्मी कैरियर इस फिल्म के साथ आरम्भ किया है और सभी ने अपने पारम्परिक अंदाज से थोड़ा हट के गया वर्तमान समय की दृस्टि से इस फिल्म के गानो को लोकप्रिय बटोरू बनाया है जिन भोजपुरी दर्शको का मन भोजपुरी गानो से ऊब चुके  हो उनके लिए यह मैथिली फिल्मी  गानो में डुबकी लगाने का बेहतर विकल्प है इस फिल्म की म्यूजिक जय गंगा कैसेट ने जारी किया है
जब की दूसरी मैथिली फिल्म है "ललका पाग " इस फिल्म का म्यूजिक सारेगामा ने जारी किया है इस फिल्म में कुल 6 गाने है इस फिल्म में संगीत दिया है सीताराम सिंह ने जव की स्वर अमृता दिक्षित ,पपाया गांगुली ,उदित नारायण झा ने दिया है इस फिल्म की गानो की बात करेतो कुछ पारम्परिक तो कुछ मेलोडी गाने है इस फिल्म के माध्यम से सीताराम सिंह ने भी मैथिली फ़िल्मी दुनिया में बतौर संगीतकार अपना पहला कदम बढाया है 

Monday, 16 December 2013

मैथिली फ़िल्म "ललका पाग "एक परिवारिक और पवित्र प्रेम कहानी पर आधारित है


दरभंगा :मिथिला कि माटी और संस्कृति से ओत प्रोत मैथिली फ़िल्म "ललका पाग "एक परिवारिक और पवित्र प्रेम कहानी पर आधारित  है  दरभंगा शहर के श्यामा माई मंदिर में इस फ़िल्म का मुर्हुत किया गया और जल्द ही  फ़िल्म कि शूटिंग निथिलांचल और नेपाल के विभिन्न लोकेशन पर जल्द शुरू किया जाएगा  फ़िल्म के निर्देशक प्रशांत नागेन्द्र के अनुशार फ़िल्म में मिथिलांचल कि कन्या और उसके जीवन में उतार चढ़ाव को बड़े ही मार्मिक ढंग से चित्रण किया गया है इस फ़िल्म के निर्माता रत्नेश एन साह है जब कि मुख्य किरदार  में रौशन राज दिखेंगे फ़िल्म में संगीत दिया है सुप्रसिद्द संगीतकार  सीता राम सिंह ने फ़िल्म के कुछ गीतो को   रिकॉड कर लिया गया है जब कि कुछ किरदारो का चयन करना अभी शेष है इस फ़िल्म में दरभंगा शहर कि रहने वाली सात वर्षीय गायिका नेहा कि  भी आवाज सुनने को दर्शक श्रोता को मिलेगा इस मौके पर इप्टा बिहार के सचिव इंद्र भूषण रमण उर्फ़ बमबम जी ,सुधीर झा आदि मौजूद  थे 

मैथिली फ़िल्म " लटकले तS गेले बेटा " शुभ मुर्हुत


दरभंगा : एक्स्ट्रीम मीडिया  बैनर तले बन रही मैथिली फ़िल्म " लटकले तS गेले बेटा " शुभ  मुर्हुत रामबाग स्थित कंकाली मंदिर परिसर में मैथिली फ़िल्म के सुप्रसिद्ध निर्माता निर्देशक बाल कृष्ण झा के हाथो संपन्न हुआ इस इस मौके पर उन्होंने युवा वर्ग से मैथिली फ़िल्म उद्योग से जुडने और निर्माण के क्षेत्र में  आगे आने और बेहतरीन फ़िल्म बनाने कि अपील कि  फ़िल्म में हास्य व्यग के माध्यम से समाजिक समस्याओ मुद्दो को दिखाया जाना है फ़िल्म में मुख्य कलाकार विक्की चौधरी ,आरती गुप्ता ,विकाश झा ,रामसेवक ठाकुर ,देवराज झा ,प्रवीण झा ,नरेंद्र ,इरशाद हुसैन आदि है इस फ़िल्म कि शूटिंग दरभंगा ,मधुबनी ,सहरसा ,बेगुसराय सहित पड़ोसी देश नेपाल और राज्य बंगाल के दाजलिग और सिक्किम गंगटोक में होगा इस फ़िल्म फ़िल्म के निर्माता निर्देशक विक्की चौधरी के अनुसार इस फ़िल्म के गीतो को वॉलीवुड के चर्चित गायक उदित नारायण और उनके पुत्र आदित्य नारायण ने अपनी आवाज दी है दर्शको के बिच यह फ़िल्म मार्च तक आएगी एक्स्ट्रीम मीडिया के बैनर तले बनने वाली यह दुशरी फ़िल्म होगी इस से पूर्व "हीरो तोहर दीवाना" मैथिलि फ़िल्म का निर्माण कर चुकी है इस मौके पर बतौर अतिथि मैथिली फ़िल्म अकादमी के संयोजक शशि मोहन भारद्वाज ने कहा कि लगातार बन रही फिल्मो से मैथिली फ़िल्म उद्योग का विकाश होगा और युवाओ को इस क्षेत्र में आने से आम लोगो कि मैथिली फिल्मो के प्रति अभिरुचि बढ़ेगी 

Wednesday, 16 October 2013

मैथिली फिल्म फेस्टिवल


> 9 को मिला माइफ़ा एवार्ड
> पहले मैथिली फिल्म फेस्टिवल का आयोजन
> दो दिनों तक फ़िल्मी सितारों से सजा रहा ऐतिहासिक राज दरबार हाल
>  उज्वल है मैथिली सिनेमा का भविष्य
>  व्यवसायिक नजरिये से विकशित होगा मैथिली सिनेमा
>  मिल का पत्थर बनेगा फेस्टिवल
> दो दिनों में 7 फिल्मो का प्रदर्शन
>  200 से अधिक मैथिली फिल्म से जुड़े लोग का हुआ सम्मान

दरभंगा  2-3 march 2013  :  मैथिली सिनेमा के निर्माण का पचास वर्ष पूरा हुआ और इस मौके  पर दरभंगा में  पहले मैथिली फिल्म फेस्टिवल का आयोजन  किया गया । मैथिली फिल्म अकादमी ,दरभंगा के तत्वावधान में आयोजित इस फिल्म फेस्टिवल में राज्य सरकार द्वारा मैथिली फिल्मो को सब्सिडी दिये जाने की मांग को लेकर संघर्ष का एलान किया गया । इस फेस्टिवल में रोचक तथ्य यह रहा की देश के साथ साथ पड़ोसी देश  नेपाल के विभीन्न हिस्सों में फिल्म निर्माण में संलग्न मैथिली पृष्ठभूमि के लोगो ने हिस्सा लेकर फेस्टिवल को महत्वपूर्ण बना दिया । दो दिवसिय फिल्म फेस्टिवल के दौरान सात मैथिली  फिल्मो का प्रदर्शन कामेश्वर सिंह दरभंगा  संस्कृत विश्वविद्यालय के मनोरंजन गृह में हुआ जब की कामेश्वर सिंह दरभंगा  संस्कृत विश्वविद्यालय के एतिहासिक राज दरबार हाल में हुआ मुख्य आयोजन । मैथिली सिनेमा उधोग को गति प्रदान करने के उद्धेस्य से " मैथिली सिनेमा का इतिहास व वर्तमान " व " मैथिली फिल्म निर्माण में तकनीकी समस्या व समाधान " विषय पर विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कलाकारों प्रस्तुति ने  माहौल को मैथिलीमय कर दिया । मैथिली फिल्म उधोग के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए 9 हस्तियों को मैथिलि फिल्म अकादमी {माईफा अवार्ड }   समान से सम्मानित किया गया । 
मैथिली फिल्म के निर्माण की दिशा में पहले प्रयास के लिए मैथिली सिनेमा ममता गाबय गीत के निर्माता स्व० मदन मोहन दास को मरणोपरांत  यह सम्मान दिया गया । ममता गाबय गीत के निर्देशक सी परमानन्द व  अभिनेत्री प्रेम लता मिश्र "प्रेम" को क्रमश:पहले निर्देशक व अभिनेत्री के रूप में सम्मानित किया गया जबकि मैथिली सिनेमा को नई दिशा और दो हिट फिल्म के साथ अब तक के सक्रियता के लिए निर्माता निर्देशक बाल कृष्ण झा को सम्मानित किया गया वही गैर मैथिली सक्रिय निर्देशक के रूप में संतोष बादल को सम्मान दिया गया जब की शम्भू नाथ मिश्र को देश के विभिन्न प्रदेशो में रहकर मैथिली फिल्म निर्माण की दिशा में सकारात्मक प्रयास करने के लिए  सम्मानित किया गया जब की उभरते नायक के रूप में अनिल मिश्रा ,अभिनेत्री के रूप में टिवंकल बोस  को व  संगीत व गायकी क्षेत्र में पवन नारायण को अकादमी द्वारा माइफ़ा अवार्ड से सम्मानित किया गया । फेस्टिवल के दौरान अभिनेत्री टिवंकल बोस ने मैथिली गीतों पर  नृत्य प्रस्तुति कर दर्शको व प्रतिभागियों की खूब तालिया बटोरी उभरते कोरियोग्राफर अमर व उनके सहयोगियों ने भी लोगो को खूब थिरकाया ।
फेस्टिवल के दौरान चन्द्रमणी ,कुञ्ज बिहारी ,पवन नारायण ,बिपिन कुमार  मिश्र ,मनीष श्रीवास्तव ,मदन मोहन ,अनिल बिहारी आदि ने जब गायकी शुरू की तो एतिहासिक दरबार हाल  में बैठे श्रोता व फेस्टिवल में भाग ले रहे प्रतिनिधि झूम उठे हमर मुंक गाम में इ शोर भ गेलै आहा एलियई अंहार स इजोत भ गेलै ...ललिया गे ललिया चमकै छोऊ तोहर कांक बलिया .....,आजू नाथ एक ....कनी हैस क कहु कनी कैस क कहु समेत दर्जनों कर्णप्रिय गीतों पर श्रोता झूमते रहे तो दूसरी ओर अभ्युदा नन्द ने अपने हास्य व्यंग रूपी कविता से खूब गुदगुदाया  फेस्टिवल के दौरान दो दिनों में बालकृष्ण झा की फिल्म सस्ता जिंदगी महग सेनुर ,सेनुरक लाज ,मणिकांत मिश्रा की फिल्म आऊ पीया अपन नगरी ,संजय पुंज की कखन हरब दुःख मोर ,अभिजित सिंह की दुलरुआ बाबू ,जीतेन्द्र झा की फिल्म पीया संग प्रीत कोना हम करबै ,अजय यश की फिल्म गरीबक बेटी ,शामिल किया गया इस मौके पर शीघ्र प्रदर्शित होने वाली दो मैथिली फिल्म चट मंगनी पट भेल बियाह और हमर सौतिन  फिल्म आडियो का लोकार्पण भी किया गया ।
इस मौके पर अब तक बने मैथिली फिल्मो व प्रदर्शित होने वाली फिल्मो के पोस्टर की प्रदर्शनी में आम लोगो ने खूब जानकारिया बटोरी जब की अनिल झा की फिल्म संस्कार के लिए कलाकारों का ओडिशन भी हुआ जब की सी डी फिल्म फेर हेतैय भोर व वीडियो एल्बम इश्क में भेलै बबाल आदि के प्रमोशन भी किया गया एक टेलीफोन डायरेक्टरी का भी भी इस अवसर पर लोकार्पण हुआ जिसमे मैथिली फिल्म उधोग से जुरे निर्माता ,निर्देशक ,गीतकार ,संगीतकार ,नायक ,नायिका आदि का मोबाइल नम्बर भी  संग्रहित किया गया है ।
 मैथिली फिल्म उधोग को गति प्रदान करने के उद्देश्य से "मैथिली सिनेमा का इतिहास व वर्तमान " विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया सेमीनार में मैथिली साहित्य अकादमी में प्रतिनिधि विणा ठाकुर ,निर्माता निर्देशक बाल कृष्ण झा ,निर्माता सूरज तिवारी ,लेखक ऋषि वशिष्ठ ,गीतकार व अभिनेता शम्भुनाथ मिश्र ,आर एस गिरी  व फिल्म समीक्षक कुमार शैलेन्द्र ,अभिनेता अंजनी कुमार, अभिनेत्री टिवंकल बोस प्रेम लता मिश्र ने अपना अपना विचार व्यक्त किया । मैथिली सिनेमा निर्माण में तकनीकी समस्या व समाधान विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मैथिली साहित्य अकादमी अकादमी के अध्यक्ष कमलाकांत झा ,आई बी एम बेला के निदेशक ब्रजमोहन मिश्र फिल्म निर्देशक किशोर नाथ झा व विकाश झा,निर्माता निर्देशक  डॉ अभय झा ,रमेश रंजन तथा अभिनेता विजय मिश्रा ,वितरक व निर्माता अजय यश अभिनेता अनिल मिश्रा और अभिनेत्री भाषा झा  ने सम्बोधित किया । पुन: खुला सत्र  में अभिनेत्री उषा पासवान ,अमित अविचल ,हिमांशु ,अनिल झा ,प्रदीप शर्मा जैसे कलाकारों ने अपने अपने विचार रखा । मंच का संचालन चंद्रमणि ,भास्कर झा ,वरुण कुमार झा ,हेमेन्द्र लाभ ने संयुक्त रूप से किया ।
वही बतादे की इस फिल्म फेस्टिवल 2013 का उद्घाटन निर्देशक सी परमानन्द ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन के क्रम में श्री परमानन्द ने अपने उद्बोधन में कहां की वर्तमान परिवेश की चुनौतीयो को युवा पीढ़ी हाथो हाथ ले तो मैथिली फिल्म का विकास हो कर रहेगा उन्होंने अच्छे फिल्म के लिए अच्छे तकनीशियन व् निर्देशक की टीम होने पर बल दिया । ललित नारायण मिथिला विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ समरेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में बतौर विशिस्ट अतिथि वरीय चिकित्सक एस एस झा ,के एस डी एस यु के डीन जीतेन्द्र कुमार ,फिल्म निर्माता निर्देशक बालकृष्ण झा ,प्रेम लता मिश्र "प्रेम ": ने भी सम्बोधित किया बतौर मुख्य अतिथि बिहार के ए डी जी आफ पुलिस  आर के मिश्रा ने कहा  की वर्तमान परिवेश में कम लागत की मैथिली फिल्मो के निर्माण की आवश्यकता है । अच्छी कहानी व अच्छी कलाकार फिल्म की सफलता में सहायक होंगे । उपस्थित अन्य वक्ताओं  फिल्म के माध्यम से भाषा के प्रसार को महत्वपूर्ण बताया । साथ ही स्वच्छ मैथिली फिल्मो की छवि को कायम रखने का आह्वान किया ।
वही मैथिली फिल्म अकादमी दरभंगा के संयोजक शशि मोहन "भारद्वाज "आगंतुको के प्रति आभार प्रदर्शित करते हुए सिने दर्शको से मैथिली फिल्म देखने की अपील की उन्होंने खा ,दर्शको का टिकट  ही फिल्म निर्माण में सहयोग होगा । कार्यक्रम में सफल बनाने में अमित अविचल ,रवि खंडेलवाल ,मोहन मुडारी ,सावन कुमार , प्रकाश झा ,नवेंदु शेखर पाठक  ,नूर आलम नूर ,संतोष कुमार ,कामोद कुमार ,सुजीत आचार्य ,चन्द्र शेखर ,भारतेन्द्र सिंह आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह किया इस पहले मैथिली फिल्म फेस्टिवल का आरम्भ विपिन कुमार मिश्रा के द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ जब कि समापन होली गीतों के साथ हुआ

Wednesday, 18 September 2013

मैथिली फिल्म "हाफ़ मर्डर " का मुर्हुत संपन्न


नई दिल्ली >> साईं चरण इंटरटेमेंट के बैनर तले बनने वाली मैथिली  फिल्म "हाफ मर्डर "का  नोयडा {यूपी }में समारोह पूर्वक बुधवार 18 सितम्बर 2013 को सम्पन्न हुआ रिड़ेक्स होटल के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के मौके पर फिल्म के निर्माता आर के झा ,सह निर्माता नवीन चौधरी ,निर्देशक नितेश भरद्वाज ,सह निर्देशक अरमान हैदर, पटकथा अनिल कुमार झा , संगीतकार सुनील पवन सहित फिल्म के नायक नायिका मौजूद थे निर्माता निर्देशक के अनुसार  इस फिल्म को मिथिलांचल के विभिन्न इलाको में फिल्माया जाएगा फिल्म की कहानी सत्य घटना पर आधारित है अब तक  मैथिली में बने फिल्मो से  इस फिल्म की कहानी कुछ हटके होगी  जो मिथिलांचल के दर्शको को पसंद आएगी इस मौके पर जीवेश कुमार झा , आसुतोष कुमार सहीत कई मैथिली फिल्म से जुरे हस्तियाँ मौजूद थे 

Saturday, 11 May 2013

मैथिली फिल्म खुरलुच्ची का प्रदर्शन शुरू




मधुबनी: 10 may 2013 मैथिली फिल्म खुरलुच्ची का शुक्रवार को मधुबनी के मिथिला टाकीज में प्रदर्शन शुरू हुआ। इसे देखने भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। फिल्म प्रदर्शन का शुभारंभ स्थानीय विधायक रामदेव महतो व जिला भाजपा अध्यक्ष भोगेंद्र ठाकुर ने नारियल फोड़ कर किया।इस अवसर पर फिल्म के नायक मिथिलेश चौरसिया, सह कलाकार मनोज परासर, रमण मिश्र, गजेंद्र झा आदि कलाकार उपस्थित थे। निर्माता सतीश चौरसिया ने बताया कि यह कथा अंतर्जातीय विवाह व भूमि विवाद पर आधारित है। इसमें दस गाने हैं। बीएन पटेल, रीना यादव, मिष्ठी सिंह, विजय मिश्र, जिप उपाध्यक्ष भारत भूषण आदि कलाकारों ने बेहतर किरदार का प्रदर्शन किया है।फिल्म के कार्यकारी वितरक मनोज कुमार ने बताया कि पहले दिन जो व्यवसाय हुआ उससे आने वाले समय में मैथिली भाषा व फिल्म व कलाकार का भविष्य उज्जवल दिखता है। वहीं विधायक रामदेव महतो ने कहा कि हम सरकार से क्षेत्रिय फिल्म के लिए मनोरंजन कर में छूट देने का आग्रह करेंगे। इस फिल्म में गीत संगीत पवन नारायण, रमण मिश्र, पट कथा मधू झा व निर्देशक मिथिलेश चौरसिया हैं।

Tuesday, 2 April 2013

"छोटकी कनियाँ बडकी कनियाँ" और "चैनपुरवाली" का मुहूर्त

मुंबई:बाबा का दालान इन्टरटैन्मेन्ट के बैनर तले बनने वाली दो फिल्मों "छोटकी कनियाँ बडकी कनियाँ" और "चैनपुरवाली" का मुहूर्त एक ही तारिख 15 मार्च 2013 को मुंबई में संपन्न हुआ। इस मौके पर निर्देशक मनोज श्रीपति के साथ अभिनेता राहुल सिन्हा, फिल्म की अभिनेत्री रिंकू घोष, साथ फिल्म के कथा-संवाद लेखक महेंद्र मलंगिया सहित कई गणमान लोग मौजूद थे इन दोनों फिल्मो की शूटिंग अन्य प्रान्तों के साथ साथ मिथिला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में संभावित है

अखन तक प्रदर्शित फिल्म


मैथिली फिल्म के इतिहास में बरका पर्दा पर अखन तक प्रदर्शित फिल्म ओना मैथिली फ़िल्मक निर्माण १९६२ में ममता गाबे गीत से शुरू भेल एइह फिल्म के साथ विडम्बना इ रहल की प्रदर्शन करीब ३० वर्ख बाद भेल जखन की मैथिली सम्वाद तीसरी कसम में देखल सुनल जा सकैत एइछ वर्ष १९९९ के अंत मैथिली फिल्म के स्वर्णिम काल मैथिली फिल्म के इतिहास में 2013 महत्वपूर्ण




१९६३                                                                            
अपराजिता {अ प्रदर्शित }   
१९७१ 
कन्यादान
१९७३ 
जय बाबा बैधनाथ
१९८२ 
ममता गाबे गीत
१९९९ 
सस्ता जिन्दगी महंग सेनुर
२००० 
आऊ पिया हमर नगरी
.२००४
सेनुरक लाज
२००५  
कखन हरब दुःख मोर
२००६
दुलरवा बाबु
२००८
सेंदुरदान
२०१० 
सेनुरया{साउथ के मैथिली  में रूपांतरण}
अपन गाम अपन लोग {अ प्रदर्शित}
पिया संग प्रीत करब कोना
२०११
सजना के अंगना में सोलह सिगार
मुखिया जी
२०१२
१ एक चुटकी सेंदुर
२ चट मंगनी पट बियाह
३ साजन आहा बिना

२००० स ल क २००८ के बिच  प्रदर्शित मैथिली फिल्म भारत और नेपाल में बनल

१ ममता {प्रदर्शित }
२ अहाँ छी हमरा लेल {प्रदर्शित }
३ सुहागिन  {प्रदर्शित }
४ गरीबक बेटी  {प्रदर्शित }
५ हमरा लग रहब{प्रदर्शित }
६ एकता आ बसन्त {प्रदर्शित }
६ काजर{प्रदर्शित }
७ मायक कर्ज {प्रदर्शित }
८ प्रितम {प्रदर्शित }
९  मिथिला के शोले {अ प्रदर्शित }
१० दहेज {नेपाल में पहिल मैथिली फिल्म }
११ पिया भेल परदेशी {प्रदर्शित }
१२ अपन समाज {प्रदर्शित }
१३ सौ दिन सास के एक दिन पुतौह के
१४ मिथीला के योद्धा {प्रदर्शित }
१५ unmaturated  love {प्रदर्शित }
१६ इजोत {प्रदर्शित }



एतिहासिक वर्ष 2013  मैथिली फिल्म फेस्टिवल का आयोजन ,लाइफ ओके चैनल के यूनिट 
का मिथिला आगमन और निर्माणधीन मैथिली फिल्मो की बढती संख्या की सूचि :>>

१ खुरलुची {प्रदर्शित } 
 २ छुटत नै प्रेमक रंग{प्रदर्शित } 
३ सौतिनक बेटी{प्रदर्शित } 
४ हमर सौतिन{प्रदर्शन के करीब} 
५ घोघ में चाँद{प्रदर्शन के करीब} 
संस्कार {निर्माण आरम्भ}
घटकैती{मुर्हुत }
चैनपुरवाली{मुर्हुत }
९ छोटकी कन्या बडकी कन्या{मुर्हुत }
१० शहर वाली भौजी {प्रदर्शन के करीब} 
११ हीरो तोहर दीवाना{प्रदर्शन के करीब}
१२ हमरो करा दए बियाह{मुर्हुत }
१३  अछिंजल
१४ हरबरी बियाह कनपटी सिंदूर{प्रदर्शन के करीब  }
१५ हाफ मडर{निर्माण आरम्भ}
१६ डमरू उस्ताद {निर्माण आरम्भ}
१७ मिथिला के इजत {प्रदर्शन के करीब}
१८ सामा चकेवा {निर्माण आरम्भ}
१९ दीवाना आहा के प्यार में{मुर्हुत }
२० घरक इजत {मुर्हुत }
२१ सेनुरक मोल बड़ा अनमोल{निर्माण आरम्भ }
२२ प्रेमक जीत {प्रदर्शन के करीब} 

निर्माणधीन :>>  बिकल दुल्हा मौगी के गुलाम , मिथिला के योद्धा ,गामक लाँज ,प्रीत के बाजी ,पीया भेल परदेशी,प्रीत के फूल ,फूटल ढोल ,एकटा अन्हरिया, हमर गाम,माई के ममता ,मीता

मैथिली में निर्मित लघु फिल्म

१ राजा सल्हेस {प्रदर्शित }
२  पिरितिया{प्रदर्शित }
३ नैना जोगिन {प्रदर्शित }
४  हम नही जायब पिया के गावँ {प्रदर्शित }
५  रक्त तिलक {प्रदर्शित }
६  गोरकी {निर्माणधिन }
७ पैठ  {निर्माणधिन }
८ फेर हेतैय भोर {प्रदर्शित }
९ मिटी के रंग 
१० कोख {प्रदर्शित }
११ रुमर "अफवाह "{प्रदर्शित }
१२ कमला {प्रदर्शित }
१३ संवदिया {निर्माणधिन }

Monday, 11 March 2013

"चट मंगनी पट बियाह " का ऑडियो रिलीज

दरभंगा :पिछले दिनों दरभंगा में मैथिली फिल्म अकादमी ,दरभंगा के तत्वावधान में आयोजित प्रथम मैथिली फिल्म फेस्टिवल के पहले  दिन  प. बलदेव ठाकुर प्रस्तुति मैथिली फिल्म "चट मंगनी पट बियाह  " का ऑडियो रिलीज किया गया  इस मौके पर फिल्म के निर्देशक किशोर नाथ  ,फिल्म के संगीतकार व गायक पवन नारायण ,इस फिल्म के पटकथा ,संवाद एव गीत के रचनाकार ऋषि वशिष्ठ  सहित कई गणमान अतिथि मौजूद थे .आर एम प्रोडक्शन   पर जारी  फिल्म के ऑडियो  में राम बाबू झा  ,पवन नारायण ,खुसबू उत्तम  ,खुसबू सिंह ,ऋचा ठाकुर के सुमधुर आवाज में कुल 7  गाने शामिल  है जो मिथिला क्षेत्र के दर्शको को खूब पसंद आयेगी निर्माता मनोज कुमार ठाकुर की इस प्रस्तुति   मैथिली फिल्म के सुमधुर और सदाबहार गीतों को सुनने के लिए आज ही अपने नजदीकी म्यूजिक सेंटर पर  सम्पर्क करे

"हमर सौतिन " का ऑडियो रिलीज


दरभंगा :पिछले दिनों दरभंगा में मैथिली फिल्म अकादमी ,दरभंगा के तत्वावधान में आयोजित प्रथम मैथिली फिल्म फेस्टिवल के दुसरे दिन प. रतन देव झा प्रस्तुति मैथिली फिल्म "हमर सौतिन " का ऑडियो रिलीज किया गया  इस मौके पर फिल्म के निर्माता संतोष कुमार झा ,निर्देशक मनोज कुमार झा ,फिल्म के संगीतकार व गायक पवन नारायण अभिनेता विजय मिश्रा सहित कई गणमान अतिथि मौजूद थे साईं श्री फिल्म्स पर जारी  फिल्म के ऑडियो  में रश्मि  रानी ,पवन नारायण ,अंशुमाला झा ,संजय झा ,सोनी झा, संजय झा गीतिका ,राधा पाण्डेय ,पूजा झा के सुमधुर आवाज में कुल ११ गाने शामिल  है जो मिथिला क्षेत्र के दर्शको को खूब पसंद आयेगी  .फिल्म में मुख्य किरदार के रूप में विनोद साजन ,नेहा श्री ,शम्भू नारायण झा ,निलेष दीपक व विजय मिश्रा आदि के धमाकेदार अभिनय भी आने वाले दिनों में  देखने को मिलेगी तो इस मैथिली फिल्म के सुमधुर गीतों को सुनने के लिए आज ही अपने नजदीकी म्यूजिक सेंटर से सम्पर्क करे 

Monday, 4 February 2013

"प्रेमक जीत" प्रदर्शन के करीब

मधुबनी :हिताक्षी प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही मैथिली फिल्म "प्रेमक जीत" प्रदर्शन के करीब पहुच चुकी है फिल्म के निर्माण से जुडे सभी कार्य  पुरे हो चुके है अगर सब ठीक रहा तो वर्ष 2013 के मध्य में यह फिल्म दर्शको के बिच होगी यह कहना है फिल्म के निर्माता कामोद कुमार चौधरी का  नये चेहरों से सजे इस फिल्म में दर्शको को  पहली वार  वीरेन्द्र दीवाना ,मनीषा भारती ,कुमुद कुमार चौधरी ,शंभू अकेला ,प्रकाश कामती ,किरण, नेहा आदि का अभिनय देखने को मिलेगा जबकि दर्शको को  राजेश और राम बहादुर की जोड़ी के सजे  संगीत पर   युवा गायक चन्दन ,मनीषा आदि की सुमधुर आवाज सुनने को मिलेगा 

Tuesday, 29 January 2013

इतिहास पुरुष राजा सलहेस पर बनी थी मैथिलि में पहली टेलीफिल्म

नेपाल : अर्चना फिल्मस के बैनर तले बनी मैथिली टेली फिल्म  "राजा सलहेस " जिस के निर्माता शारदानन्द झा थे और लेखक निर्देशक श्याम भाष्कर नेपाल टेलीविजन से स्वीकृत इस फिल्म की शूटिंग राजनगर ,दुल्ली पट्टी तथा कटारी और चुरिया पहाड़ी पर हुई थी राजनगर में फिल्म को लेकर  भव्य सेट बनाया गया था और इसके अधिकाँश कलाकार मिथिला विश्वविद्यालय के पीजी ड्रामा के पहले बैच के छात्र  थे उस जमाने में इन कलाकारों के दरभंगा में नाटक के क्षेत्र में तुति बोलती थी ये कलाकार  आकाशवाणी दरभंगा और गीत एव नाटक प्रभाग दरभंगा से भी जुड़े हुए थे इस फिल्म में स्वपन मजुमदार {नायक},नीलम सिंह{नायिका },बब्बू मिश्रा{खलनायक } की भूमिका में थे जब की अन्य भूमिका में ,शारदा सिंह  ,तारा चरण झा ,महेंद्र नारायण चौधरी  ,राजकुमारी झा ,मीरा झा ,विपिन कुमार झा ,अनिता अग्रवाल आदि थे दूरदर्शन कोलकत्ता के एस .एस . धर इस फिल्म के कैमरा मैंन थे और फिल्म के एडिटर थे दिलीप बनर्जी जब की इस फिल्म में  संगीत दिया था सरोज कुमार मिश्रा एव हरिनाथ जी ने और  सिनेमेटोग्राफ कोलकत्ता में इस फिल्म का पोस्ट प्रोड्क्शन हुआ था इस फिल्म की कहानी महसौथा के राजा सलहेस पर आधारित थी जो मिथिला के ग्राम देवता के रूप में आज भी प्रसिद्ध है 19 दिनों के शूटिंग के बाद यह फिल्म साढ़े सात लाख की लागत से  यु - मेटिक फ़ॉर्मेट में  1993 में बन कर तैयार हुई थी ऐतिहासिक कथा को लेकर बनने वाली यह मैथिली की पहली टेली  फिल्म थी वक्त की मार ने इस फिल्म को कही का न छोड़ा यही कारण रहा की जिस नेपाल टेलीविजन के लिए यह फिल्म बनी थी वह ना ही   नेपाल टेलीविजन पर और न ही दूरदर्शन से प्रसारित  हो सका  

फोटो परिचय : >> निर्देशक श्याम भास्कर ,अभिनेत्री नीलम सिंह ,स्क्रीप्ट के साथ सहायक निर्देशक हरीन्द्र कुमार झा और विष्णु कान्त 

Sunday, 27 January 2013

मैथिली फिल्म "संस्कार" के गाने की हुई रिकाडिंग

मुम्बई:  सुशील झा फिल्मस के बैनर तले बनने वाली मैथिली फिल्म "संस्कार" के सभी गानों की रिकोडिंग का कार्य पिछले दिनों मुंबई के स्वरलता स्टूडियो में संपन्न  हुआ फिल्म के निर्माता  अनिल कुमार झा के अनुशार फिल्म के   गानों को अपने स्वर से उदीत  नारायण झा ,दीपा नारायण झा ,ज्ञानेश्वर दुबे ,पामेला जैन और मंजीरा गांगुली  ने सजाया है  मार्च में शुरू होने वाले इस  फिल्म की शूटिंग के मद्दे नजर  20 फरवरी 2013 को दरभंगा में कलाकारों का चयन का तारीख निर्धारित किया गया है जब की कई मुख्य किरदारों का चयन कर लिया गया है इस फिल्म  के सम्बंध में झा ने बताया की यह फिल्म पूर्ण तः परिवारीक  होगी  और  मिथिला के विभिन्न हिस्सों के साथ - साथ कुछ दृश्यों को पड़ोसी देश नेपाल के तराई क्षेत्रो में  फिल्माया जाएगा
फोटो परिचय : >> निर्माता अनिल झा ,पामेला जैन ,उदीत नारायण झा , अभय झा 

Saturday, 26 January 2013

सहेजेंगे इतिहास ,ढूढेंगे नई राह

 दरभंगा : फेस्टिवल के मौके पर एक आकर्षक बहुरंगी स्मारिका का प्रकाशन होगा .इसमें मिथिला के सभी जिलो की मैथिलि फिल्म एव रंगमंच के इतिहास और वर्तमान को सहेजा जाएगा .इसमें दुर्लभ चित्रावलिया भी होंगी इसका प्रसार मिथिला के जिलो के साथ सम्पूर्ण बिहार ,देश के महानगरो एवं नेपाल तक होगा .यह संग्रहणीय और आने वाली पीढ़ी के लिए उपादेय होगा फिल्म महोत्सव पर एक डायरेक्टरी के प्रकाशन की भी योजना है जिसमे मिथिला के जिलो के  उन निर्माता ,निर्देशक ,कलाकारों ,गायकों गीतकारो ,पटकथा ,लेखको ,आदि का नाम पता संग संक्षिप्त विवरणी भी शामिल होगी जो किसी भी भाषा में सक्रिय रहे रहे है  इसकी उपयोगिता से मैथिली फिल्म निर्माण को नई गति व दिशा मिलने की उम्मीद है .

Friday, 25 January 2013

कलाकारों का महाकुम्भ

दरभंगा :  फेस्टिवल के मौके पर होगा कलाकारों का महाकुम्भ .आज मुंबई ,हैदराबाद ,दिल्ली ,कोलकाता आदि महानगरो में मिथिला के विभिन्न जिलो की प्रतिभाए सिनेमा और रंगमंच से जुडी है इसमें कई नामचीन हस्तियों भी है .निर्माता ,निर्देशक ,पटकथा लेखको ,अभिनेता ,अभिनेत्रियों ,संगीतकारो ,गायकों की लम्बी फौज सिने जगत को अपनी क्षमताए अर्पित कर रही है पड़ोसी रास्ट्र नेपाल भी इस मामले में काफी धनी रहा है विश्व विख्यात दरभंगा राज के आँगन में इन सभी हस्तियों की आगवानी कर सुनहरे पल को सहेजने की योजना है .फेस्टिवल में समग्र मिथिला की भागीदारी होगी .

टूटेगा मौन ,बनेंगे सम्बंध - सेतु

दरभंगा : मैथिली फिल्म फेस्टिवल फिल्म - निर्माण व रंगमंच के क्षेत्र में छाए मौन को तोड़ेगा .इन दोनों के बिच की दुरिया मिटा कर सम्बंध -सेतु  चिकयित करेगा .दोनों के संरक्षण - सम्वर्द्धन की ओर शासन -प्रशासन का ध्यान केन्द्रित करेगा समाज के हर वर्ग को जोडकर मैथिली फिल्म के निर्माण और प्रदर्शन से जुडी कठिनाइयो को दूर करने की कोशिस होगी 

सुनहरे भविष्य की तलाश

दरभंगा : मैथिलि फिल्म अकादमी ने मिथिला की तमाम प्रतिभाओं को एकजुट कर मैथिली फिल्म - गतविधियो को विशम परिस्थितियों की गहरी काली खाई से उबारने के साथ ही विचार - मंथन कर साधक - तत्वों की संजीवनी तलासने का निर्णय लिया है इसे मैथिली फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से मार्च 2013 के प्रथम सप्ताह में साकार किया जाएगा अतीत से सिख की सौगात लेकर वर्तमान को संवार सुखद भविष्य का निर्माण की योजना है अकादमी की गतिविधिया महोत्सव के बाद भी मैथिली सिनेमा के साथ ही मिथिला मैथिली के समग्र विकाश के लिए अल्पकालिक व दीर्घकालिक योजनाओं के माध्यम से जारी रहेगी संस्था सामाजिक दायित्वों का भी निर्वाह भी करेगी .

Saturday, 19 January 2013

एतिहासिक क्षण का गवाह होगी बिहार की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा

दरभंगा : बिहार की सांस्कृतिक व मिथिला की अघोषित राजधानी  एव विधा के बल पर पूरी दुनिया में अपना नाम का डंका बजाने वाला दरभंगा एतिहासिक क्षण का गवाह होगा .बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ,अलीगढ विश्वविद्यालय ,पटना विश्वविद्यालय ,संस्कृत विश्वविद्यालय ,मिथिला विश्वविद्यालय ,सहित अनेको शिक्षण संस्थानों की स्थापना में महती भूमिका निभाने वाले दरभंगा राज का लक्ष्मेश्वर विलास पैलेस ,रामबाग किला परिसर ,मोती महल ,नरगौना पैलेस ,विशेश्वर विलाश पैलेस आदि अंग्रेज के जमाने से ही एक से एक नामचीन हस्तियों से रु-ब -रु होते रहे है .देश के नामी कलाकारों को इसने देखा है लेकिन मायानगरी के सितारों से इसकी पहली मुलाक़ात मैथिलि फिल्म फेस्टिवल में होगी 

बढाया मिथिला का नाम और मान

दरभंगा : प्रसिद्ध फिल्म निर्माता प्रहलाद शर्मा ,महंथ मोहन दास ,केदार नाथ चौधरी ,एच एम मुंशी बाल कृष्ण झा ,मणि कांत मिश्रा ,संजय पुंज , बी के हाउस ,जीतेन्द्र झा ,धीरेन्द्र मोरबैता ,संदीप झा ,रुपेश मिश्रा निर्देशक फणी मजुमदार, चौधरी परमानंद ,मुरलीधर  ,संतोष बादल ,अभिजित कुमार सिंह,सूरज तिवारी ,मनोज झा , मनोज श्रीपती  झा ,प्रवीन कुमार ,विकाश झा ,प्रकाश झा गायको में रविन्द्र ठाकुर ,उदित नारायण, दीपा नारायण ,पवन नारायण ,राम बाबू झा ,कुञ्ज बिहारी ,ज्ञानेश्वर दुब्बे ,विनोद गवार ,ललितेश ,संजय मिश्रा ,राजिव सिंह,धीरेन्द्र मोरबैता ,हेमेद्र लाभ ,रवि खंडेलवाल ,राम सेवक ठाकुर ,उषा पासवान ,अनुराधा,  ,मनोज बाजपाई  ,ललन सिंह ,रोमी ठाकुर ,विभूति भूषण ,नरेन्द्र झा ,आलोक नाथ ,धीरेन्द्र प्रेमर्शी ,श्याम नन्द झा ,बिपिन कुमार, शम्भुनाथ मिश्रा ,दिनेश मिश्रा ,उत्तम कुमार चौधरी ,अमरेश कुमार झा ,सुधा झा ,कल्पना मिश्रा ,आर एस गिरी सहित अनेको लोगो ने बेहतर मुकाम हासिल कर  मिथिला का नाम और मान को बढाया ,वही सांस्कृतिक विरासत की धनि मिथिला के अनेको कलाकारों व निर्माता -निर्देशक फिल्म ,टी वी सीरियलों में  जलवे बिखेरे संतोष बादल सरीखे प्रतिभा के धनि युवाओं ने मिथिला की सांस्कृतिक यात्रा को आगे बढाने में सशक्त भूमिका अदा  की रास्ट्रीय  पुरस्कार प्राप्त डाक्यूमेंट्री फिल्म नैना जोगिन के निर्माता प्रवीन कुमार सहित रक्त तिलक के निर्देशक मनोज श्रीपति  झा आदि ने मिथिला और मैथिलि का झंडा बुलंद किया ये नाम उदाहरण भर है सैकड़ो ऐसी प्रतिभाए है जो आज भी फिल्मो टी वी सीरियलो में सक्रिय है ,लेकिन विडम्बना ही है की मैथिली फिल्म के नाम पर उपलब्धिया बल्लियों उछालने वाला नही रहा 

Sunday, 13 January 2013

मैथिली सिनेमा का 50 वर्ष

 दरभंगा : राजनितिक मानचित्र से बेदखल कर दी गई मिथिला विकास के मामले में भले ही दरिद्रता झेलने को अभिशप्त रही है ,लेकिन सभ्यता ,संस्कृति ,कला ,साहित्य ,संगीत का डंका देश दुनिया में बजाती आई है . नई डगर पर चलने में यह हिचकती रही और तजबीज करना इसकी आदत रही ,लेकिन मायानगरी की तरफ कदम बढाने में इसने बहुत देर नही की ,सीने - संसार के इतिहास में मिथिला तकरीबन 78 साल पूर्व महाकवि विधापति  के साथ खड़ी मिलती है .बीसवीं सदी के तीसरे दशक में बनी फिल्म विधापति में मिथिला खिलखिलाती हुई स्वागत करती है .इतिहास -पुरुष मिथिला नरेश शिव सिंह और महाकवि विद्यापति को लेकर बनी इस फिल्म में पृथ्वी राज कपूर ,पाढ़ी सान्याल ,कानन देवी ,के सी डे ,के एन सिंह ,केदार शर्मा ,छाया देवी ने भूमिका की थी .मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा के सपूत प्रहलाद शर्मा ने भी भारत भूषण ,नजिमा मुराद ,विपिन गुप्ता ,सिम्मी ,कंवलजीत को लेकर 1960 के दशक में विद्यापति फिल्म बनाई .इसमें मोहम्मद रफी व लता मंगेशकर ने मैथिली गीत भी गाए .प्रहलाद शर्मा ऐसा नाम है जिन्होंने दरभंगा सरीखे कस्वाई शहर में भले ही जन्म लिया ,लेकिन भारतीय सिने - संसार  को संजीव कुमार एवं हेमा मालिनी को लेकर बनाई गई फिल्म धुप छाव सहित आधा दर्जन फिल्मो के निर्देशक रहे .वही  राज कपूर की फिल्म तिसरी कसम में  चौधरी परमानन्द के द्वारा चाह की दूकान का संवाद  सहित अन्य गतिविधियों ने मैथिली को नई राह दी .मैथिली फिल्म - निर्माण के प्रयास शुरू हुए और आज मैथिली फिल्म अपने 50 साल की यात्रा पूरी कर रही है .भले ही फिल्म निर्माण प्रदर्शन में देर हुई ,लेकिन अब तक पाचं दर्जन से अधिक फिल्म मैथिली में बन चुकी है .अतीत से झाकती मैथिली फिल्म "अपराजिता " भले ही पूर्ण नही हो सकी लेकिन गतिरोध टूटा ममता गाबय गीत ,कन्यादान ,जय बाबा बैधनाथ ,भौजी माय ,ललका पाग ,गोनू झा , हमरा लग रहब ,सस्ता जिनगी महग सेनुर ,आउ पीया हमर नगरी .कखन हरब दुःख मोर ,सेनुरक लाज ,दुलरुआ बाबू , गरीबक बेटी ,मायक कर्ज ,काजर ,पीया संग प्रीत करब कोना ,सेनुरिया ,सजना के अंगना में सोलह सिंगार ,मुखिया जी आदि बड़े पर्दे की फिल्म व सीडी फार्मेट की दर्जनों फिल्मे बनी .कई ने धमाल मचाया तो कई घोषणाओं में ही सिमट गई .कुछ डिब्बे में बंद रह गई .परिणाम ज्यादा उत्साहवर्द्धक नही रहे .लेकिन इसने सिने - जगत को मिथिला के दरभंगा ,मधुबनी ,समस्तीपुर ,बेगुसराय ,कटिहार ,खगड़िया ,सहरसा ,मधेपुरा ,सुपौल ,पूर्णिया ,किशनगंज ,सीतामढ़ी ,शिवहर ,मुजफ्फरपुर ,बेतिया ,मोतिहारी ,वैशाली सहित नेपाल के विभिन्न जिलो से सैकड़ो की तादाद में  निर्माता ,निर्देशक ,अभिनेता सह कलाकार,गायक संगीतकार तकनिकी क्षेत्र में दिए .